रक्कासा
नवगाँव की पहाड़ी पर स्थित विभूति प्रताप की छोटे महलनुमा हवेली में से रात के समय घुंघरूओं की आती तेज आवाज से गाँव निवासी खौफ खाते हैं। उनका मानना है कि हवेली में रक्कासा है। जो भी रक्कासा को देखने हवेली गया, वापस लौटकर नहीं आया!
और फिर एक दिन गाँव के 3 लड़के रक्कासा को देखने हवेली गए, फिर कभी लौटे ही नहीं!
पुलिस 3 गुम हुए लड़कों की तहकीकत करती है लेकिन इस तहकीकात में शामिल कांस्टेबल खुद भूतलोक में पहुँच चुका है!
एक नृत्यांगना, एक रहस्यमयी हवेली, और कुछ खौफनाक मौतें!
‘अदृश्यम’ और ‘भूतिया हवेली’ जैसी हॉरर किताबों के लेखक “मन मोहन भाटिया” द्वारा लिखित रहस्यों और भूतों की दुनिया की सैर करवाता एक हॉरर उपन्यास







Reviews
There are no reviews yet.